Saturday, 25 February 2017

पहली ज़िम्मेदारी - इरा टाक

दफ़न कर उसे
जो रिश्ता मर चुका
मत ढो रिश्ते की सड़ी
वजनदार लाश
मुश्किल होता है
मोह से छूट पाना
पर जो खुद को मिटाने लगे
वो धीमा जहर है
नाशुक्रा रिश्ता
बेपरवाह से ज्यादा बुरा
मुक्त कर खुद को
इस वजन से
खुद को खुली हवा
और साँसें देना
पहली ज़िम्मेदारी !

-इरा टाक

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