Tuesday, 22 July 2014

बलात्कार को रोकना है तो सबसे पहले अश्लील साहित्य , अश्लील फिल्मों ( porn Films ) पर तुरंत रोक लगाई जाये... अश्लीलता और अति स्वछंदता दिमाग को भ्रष्ट करती है...जो इस अश्लीलता के आदी हो चुके हैं ...बिना किसी रोक टोक और भय के इसका आनंद ले रहे हैं वो मौका मिल जाने पर बलात्कार नहीं करेंगे तो और क्या करेंगे ... कैसे जानवर होते हैं जो सामने वाले को इंसान नहीं समझते ...भोगा और मार दिया.... 
इन सब चक्करों में पड़ के कितने टीनएजर्स और युवा बर्बाद हो रहे हैं ,अपनी गलत आदतों को पूरा करने में ऐसे जाल में फंस रहें है, कि वापस निकल पाना उनके लिए मुश्किल हो जाता है , सेक्स सृजन करने के लिए है ,लेकिन अब ,क्रूरता और अपराध का पर्याय हो गया है ...अब इसके लिए कठोर कानून होना चाहिए ...लोग तय नहीं करेंगे उन्हें क्या देखना है , ये तय करेगा कानून ... क्यूंकि हर कोई इतना समझदार नहीं कि अच्छा बुरा तय कर पाये ये एक ऐसा कीचड है कि जो एक बार धसा वो धसता ही जाता है ...अगर ऐसा हो जाये तो काफी हद तक सुधार होगा ... ~ET~

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