Thursday, 24 July 2014

मैं घोर फेमिनिस्ट नहीं हूँ , मैं स्त्री पुरुष बराबरी की  समर्थक हूँ बचपन से एक स्त्री को वही अधिकार और परवरिश मिले जो एक पुरुष को दी जाती है,दोनों को संतुलित तरीके से जीवन मूल्यों  को समझाया जाये ,सेक्स एजुकेशन भी एक सही वक़्त पर दी जाये ताकि  बड़े होते हुए बच्चे अपनी उत्सुकताओ का हल अपने तरीके से  न खोजें, और इस खोज में वो किसी अपराध का शिकार न हो जाएँ या खुद कोई अपराध न कर बैठे    मर्यादा दोनों के लिए तय हो ,  नए नियम और नए नैतिक मूल्य तय हों जो वर्तमान समय के हिसाब से हों न कि पुरातन काल के !
हो सकता है कई लोग इसे   गलत माने. पर मैं पहनावे में शालीनता की समर्थक हूँ ,स्त्री हो या पुरुष कपडे दोनों को शालीन पहनने  चाहिए ,अंग प्रदर्शन करते हुए फ़ूहड़ कपडे पहनने वाले भले ही खुद बलात्कार  का शिकार न हों पर इसका दूरगामी प्रभाव भी बलात्कार का कारण है , क्यूंकि  कुंठा का विस्फोट अक्सर कमज़ोरों  पर होता है ,बच्चिओं पर होता है, यदि आज की स्त्री कहती है कि मैं केवल एक शरीर नहीं हूँ,बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं हूँ , मेरा अपना अस्तित्व है तो फिर अपना शरीर  क्यों दिखाती है ?अपना टैलेंट और स्किल्स दिखाएँ,अपनी शिक्षा और नॉलेज का सही दिशा में इस्तेमाल करते हुए अपना करियर बनाये !
      जैसा मैंने अपनी पिछली पोस्ट में लिखा अश्लील साहित्य और फिल्मों पर रोक लगे ,क्यूंकि इनका दुष्प्रभाव बलात्कार  का मुख्य कारण है,टीनेजर्स के मोबाइल में पोर्न क्लिपिंग्स  भरी हुई हैं , छुपा कर और कई बार आपसी सहमति पर पोर्न mms बनाये जा रहें है, जिन्हे बाद में इंटरनेट पर लोड कर दिया जाता है ,जिसके चलते बाद में कितनी ही लड़कियां सुसाइड जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाती हैं  
   बचपन से ही पेरेंट्स बच्चों को सर चढ़ा  लेते हैं,( सब की बात नहीं)  नैतिक शिक्षा देने का सही समय बचपन है उस समय लाड प्यार से फुर्सत नहीं मिलती ,बच्चे की हर मनमानी इच्छा पूरी की जाती है और जब टीनएज में उस पर अंकुश लगाया जाने लगता है तो वो भडकता है काबू से बाहर हो चुका होता है  ,हीरो हीरोइन्स रोल मॉडल होते हैं ,जो सिर्फ अपना व्यवसाय कर रहे हैं ,ये अतिस्वछंदता का माहौल भष्ट  कर रहा है ,आज़ादी का मतलब कभी गलत आदतें नहीं होता ,और एक सफल और संतुलित  जीवन जीने के लिए अनुशाषन बेहद ज़रूरी है,नियम  और कानून जो भी हों उनका पालन डर और मजबूरी समझ के नहीं बल्कि फ़र्ज़ समझ के होना चाहिए  

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