Saturday, 15 June 2013

प्रेम मे स्पेस
स्पेस दो मेरा दम घुटता है ....जब आप स्पेस देंगे तो आपके दिए स्पेस को कोई और भरने लगेगा ...खाली जगह रहती नहीं यही प्रकृति का नियम है ...यदि प्रेम है तो दोनों एक हैं ...स्पेस की जरुरत सिर्फ आकर्षण में पड़ती है या तब जब दोनों स्वार्थवश एक दुसरे से जुड़े हों ..वरना प्रेम में मेरा तेरा होता ही कहाँ है ? छुपाते हम तभी हैं जब हमे लगता है कि  हम गलत कर रहें हैं ..वरना अगर आप रिश्ते में ईमानदार हैं पूरी तरह प्रेम में हैं तो पारदर्शिता होनी चाहिए 

No comments:

Post a Comment