Tuesday, 24 March 2015

माँ को Alzheimers होना !

माँ को Alzheimers होना !
पहले घर में थी चहल पहल
तुम्हारे हँसने बोलने और चलने से
अब तुम सिमट गयी हो, व्हील चेयर पर
खामोश सी !
पहले कड़क कलफ लगी साड़ियाँ
हाथों में खनकती चूड़ियाँ
अब तुम्हारे तन पर रहता है एक गाउन
बेरंग सा !
पहले महकता था तुम्हारा आँचल
घर भी सुथरा सा था
अब दवाइयों की गंध ..डाइपर्स
लाज़मी से !
तुम्हें सब भूलते देखना ..मिटते देखना
तुम्हारे शरीर पर हो रहे
घावों पर पट्टी करना ..और एक मौत मरना
कोशिश बहुत की
पर मैं माँ न बन पाई तुम्हारी !
~ET~

1 comment:

  1. गहन भाव लिए अनुपम भाव संयोजित किये हैं आपने ... आभार

    सच कहती पंक्तियाँ .
    नई पोस्ट ….शब्दों की मुस्कराहट पर आपका स्वागत है

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