Wednesday, 26 March 2014

हंसी तो फँसी 
जहाँ स्त्री ने दिखाए दन्त (हॅसना ) वहाँ आदमी लेता उसका अंत
इस तरह की  दकियानूसी कहावतें मैंने बचपन से बहुत सुनी है अपनी माँ से … आप सबने भी  सुनी होंगी … मानो एक स्त्री  का हँसना उसके अंत का कारण हो…पर आज की आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी लड़की /स्त्री  सभी से हँस बात करती है इसका मतलब  ये नहीं  कि वो सामने वाले के जाल में फंस गयी है … अपवाद  सभी जगह होते हैं. कुछ  होती हैं ऐसी  जो  शॉर्टकट चाहती हैं  पर शॉर्टकट जल्दी ही  कट कर  देते हैं.। और मुझे किसी  भी शॉर्टकट की  ज़रूरत नहीं …सफ़ल होने की  ऐसी कोई भूख और जल्दी  नहीं है  
हँस  के बात करना मेरी आदत है  कमज़ोरी नहीं    

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