Sunday, 10 February 2013

मेरी किताब अनछुआ ख्व़ाब से।।।

तसल्ली आएगी तुझको पैगाम से मेरे
सोच यही हर कागज़ पर नाम तेरा लिखते हैं
तसल्ली आती है मुझको भी पैगाम से तेरे
कोरे कागज़ पर भी लिखावट तेरी तकते हैं ...इरा टाक 

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