Saturday, 27 July 2013

गम दिया उसने  शिकायत नहीं मुझको 
दर्द से न गुज़री होती इतना
तो मेरी बातों में यूँ शिफ़ा नहीं होता
ज़िन्दगी में कुछ भी बेवजह नहीं होता ।इरम  अनछुआ ख्वाब

Friday, 26 July 2013

तू क्या सिलेगा ज़ख़्म मेरे
तेरी सिलाई इतनी महीन नही है
तू लाख कहे मुहब्बत है
पर अब मुझे तेरा यकीन नहीं है …इरम

Monday, 8 July 2013

अब पीछे क्यों तकता है

भीतर-भीतर जलता हैं 
मन में कुछ चुभता है
प्रेम दिया जिसको अपरिमित 
वो आज मुझे क्यों छलता हैं

सदियों तक के स्वपन सजाये 

बिखर गए सब बातों में 
डरा हुआ टूटा बिखरा मन 
फिर ख्व़ाब नए क्यों बुनता है 

जीवन मिलता है एक बार 
उठ चल कर कुछ नए विचार 
विस्तृत कर आघात लगे जो 
अब पीछे क्यों तकता है.

-इरा टाक  

Even A Child Knows -A film by Era Tak